बन्द लिफ़ाफ़े रूप बदल इनबॉक्स हो गये...
संदेशे मोबाइल आते फ़ास्ट हो गये...
अब आधा ख़त लिखते स्याही खतम न होती...
मैसेज़ लिखे इरेज़ बटन से नष्ट हो गये...
मन बदला रोकने चले एहसास कागज़ी...
हुआ डिलीवर टेक्स्ट करें क्या पास्ट हो गये...
दिल की धड़कन सुनने में तो अर्से लगते थे...
पास पास अब अंडमान सौराष्ट्र हो गये...
सबकुछ है स्क्रीन में बसा नया जगत है...
इज़हारों के कई चलन बर्खास्त हो गए...
संदेशे मोबाइल आते फ़ास्ट हो गये...
अब आधा ख़त लिखते स्याही खतम न होती...
मैसेज़ लिखे इरेज़ बटन से नष्ट हो गये...
मन बदला रोकने चले एहसास कागज़ी...
हुआ डिलीवर टेक्स्ट करें क्या पास्ट हो गये...
दिल की धड़कन सुनने में तो अर्से लगते थे...
पास पास अब अंडमान सौराष्ट्र हो गये...
सबकुछ है स्क्रीन में बसा नया जगत है...
इज़हारों के कई चलन बर्खास्त हो गए...
sahi kaha sir ...
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