कहने को है बहुत अभी पर वक्त नहीं है...
शेर बहुत हैं मगर ज़रूरत सख़्त नहीं है...
भागदौड़ का परचम उतना ही ऊँचा है...
अनुभव बाँटें उसे जो कहीं व्यस्त नहीं है...
वाह-वाह की आवाजें हैं हुईं गुमशुदा…
बेफ़िक्री गायब है कोई मस्त नहीं है...
हँसना चाहो यारों तो हैं लाख बहाने...
कोई भी है नहीं जिसे कुछ कष्ट नहीं है...
जीने की राहों में अनगिन भूलभुलैया...
साधन ही हो साध्य हमें बर्दाश्त नहीं है...
शेर बहुत हैं मगर ज़रूरत सख़्त नहीं है...
भागदौड़ का परचम उतना ही ऊँचा है...
अनुभव बाँटें उसे जो कहीं व्यस्त नहीं है...
वाह-वाह की आवाजें हैं हुईं गुमशुदा…
बेफ़िक्री गायब है कोई मस्त नहीं है...
हँसना चाहो यारों तो हैं लाख बहाने...
कोई भी है नहीं जिसे कुछ कष्ट नहीं है...
जीने की राहों में अनगिन भूलभुलैया...
साधन ही हो साध्य हमें बर्दाश्त नहीं है...
jeevan ek lambi kahani hai ,
जवाब देंहटाएंsuru to ho jati hai ,
par samapt kaha hogi !
yeh to bas Ram ji hi jane ...