कह दें वरना रह जायेंगे बोल अधूरे कहते कहते
वक्त की नदी खूब हँसेगी हालेदिल पे बहते बहते
चंद लकीरें किस्मत वाली टेढ़ी गलियाँ बन जायेंगी
यादों के दरमियाँ बहे हैं आँसू छुपकर रहते रहते
बिछुड़े मौसम सारे छुप छुप मिलने और बिछुड़ने के
दिन दिन भर की इन्तज़ारियाँ, झूठे वादे सहते- सहते
भीड़ भरे बस की सवारियाँ बनके बिना बात के लड़ना
ब्रेक लगे तो नींद खुली है सपने जागे ढहते ढहते
वक्त की नदी खूब हँसेगी हालेदिल पे बहते बहते
चंद लकीरें किस्मत वाली टेढ़ी गलियाँ बन जायेंगी
यादों के दरमियाँ बहे हैं आँसू छुपकर रहते रहते
बिछुड़े मौसम सारे छुप छुप मिलने और बिछुड़ने के
दिन दिन भर की इन्तज़ारियाँ, झूठे वादे सहते- सहते
भीड़ भरे बस की सवारियाँ बनके बिना बात के लड़ना
ब्रेक लगे तो नींद खुली है सपने जागे ढहते ढहते
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